मेरी ख़ुशी में हो तुम, गम में हो तुम, गम से भरी उस शाम में हो तुम।। मेरे सुकून में हो तुम, नींद में ... मेरी ख़ुशी में हो तुम, गम में हो तुम, गम से भरी उस शाम में हो तुम।। मेरे सुकून म...
दिमाग से बाहर जो दिन रात ये मीडिया अंदर भरती है। दिमाग से बाहर जो दिन रात ये मीडिया अंदर भरती है।
जिंदगी पर जो तवज्जो दी जिंदगी का सबक समझ आया मुझको। जिंदगी पर जो तवज्जो दी जिंदगी का सबक समझ आया मुझको।
छांव है गर्म यहां आ कहीं और चलें। जाने ये किसका असर कि जल रहे हैं शहर जिधर भी जाओ म छांव है गर्म यहां आ कहीं और चलें। जाने ये किसका असर कि जल रहे हैं शहर ...
और पूछनी भी है तुमसे कि तुमने सजा किस किस बात की मुझे दी है। और पूछनी भी है तुमसे कि तुमने सजा किस किस बात की मुझे दी है।
तुम्हारी कदमों में और बसंती हवा आजाद पसन्द पवित्र मन में। तुम्हारी कदमों में और बसंती हवा आजाद पसन्द पवित्र मन में।